ग्रीवापरक ग्युकस प्रणाली क्या है?

यह प्रणाली इस भाव पर आधारित है कि अण्डे के निष्कासन के समय या आसपास के दिनों में ग्रीवापरक ग्युकस पतला और चिपकने वाला हो जाएगा।

यह प्रणाली इस भाव पर आधारित है कि अण्डे के निष्कासन के समय या आसपास के दिनों में ग्रीवापरक ग्युकस पतला और चिपकने वाला हो जाएगा। अतः यदि आप गर्भधारण करना नहीं चाहते तो जैसे ही फिसलन भरा, लचीला म्युकस निकलता देखें तो सम्भोग से परहेज करें और उसके बन्द होने के दो दिन बाद तक करते रहें।


ग्रीवापरक म्युकस का परीक्षण कैसे किया जाता है?

अपनी अंगुली से या टॉयलट पेपर से योनि के आसपास पोछें और फिर म्युकस को देखें। उसके घनत्व को देखें और उसे अपनी अंगुलियों में खींच कर देखें। यदि बिना टुटे कम से कम तीन इंच तक खिंच जाए तो सोच लें कि अण्डा देने का समय होने वाला है।

ग्रीवापरक म्युकस प्रणाली की कमियां क्या हैं?

इसकी असफलता दर 20 प्रतिशत जैसी ऊंची है।

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